रोबोडॉग के बाद ड्रोन भी ‘Imported Innovation’? Galgotiya फिर घिरी!

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

AI Impact Summit से बाहर किए जाने के बाद Galgotiya University की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। पहले चीनी रोबोडॉग विवाद और अब “In-House Soccer Drone” के दावे ने टेक कम्युनिटी और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह दावा करती नजर आ रही हैं कि ड्रोन की “end-to-end engineering” कैंपस में ही की गई। उन्होंने यहां तक कहा कि यूनिवर्सिटी ने भारत का पहला “Drone Soccer Arena” भी डेवलप किया है।

सुनने में impressive। लेकिन कहानी यहीं से interesting हो जाती है।

Drone Soccer क्या है?

Drone Soccer एक indoor competitive sport है, जहां protective cage में बंद quadcopter drones को टीम गेम की तरह उड़ाया जाता है। लक्ष्य होता है drone को लटके हुए hoop के आर-पार ले जाकर पॉइंट स्कोर करना।

यह कॉन्सेप्ट 2015 में South Korea में commercialize हुआ और 2017 में वहां आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। इसे World Air Sports Federation से भी मान्यता मिल चुकी है।

विवाद कहां से शुरू हुआ?

सोशल मीडिया यूज़र्स और टेक एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि Galgotiya का दिखाया गया मॉडल South Korea के commercial product Striker V3 ARF Professional Drone Soccer Set से मिलता-जुलता है, जो market में पहले से उपलब्ध है।

कहा जा रहा है कि showcased drone और cage structure काफी हद तक उस मॉडल से match करता है। यही सवाल खड़ा हुआ क्या यह original campus innovation है या ready-made technology का rebranding?

Politics भी एंट्री में

मामला सिर्फ टेक तक सीमित नहीं रहा। Youth Congress ने X (Twitter) पर तंज कसते हुए इसे “Imported Innovation Tour” बताया। पोस्ट में कटाक्ष किया गया कि पहले China, अब Korea और आत्मनिर्भरता के दावों पर सवाल उठाए गए।

सियासत ने जब एंट्री ली, तो विवाद और amplify हो गया।

Innovation vs Presentation?

यह पूरा मामला एक broader debate को जन्म देता है क्या Indian institutions innovation के नाम पर imported tech को showcase कर रहे हैं? या फिर global components के साथ local assembly को भी innovation कहा जा सकता है?

AI Summit से exclusion के बाद यह दूसरा विवाद University की credibility पर सीधा असर डाल सकता है।

Tech दुनिया में perception भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना product। अगर दावा बड़ा है, तो transparency उससे भी बड़ी होनी चाहिए।

फिलहाल, Galgotiya University Drone Controversy सोशल मीडिया और पॉलिटिकल सर्कल में ट्रेंड कर रही है — और ऐसा लगता है कि यह बहस अभी जल्दी शांत नहीं होगी।

जो आसमान छूना चाहता था, उसे सड़क ने निगल लिया

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